आशाराम पर भड़की रेप पीड़िता पहुंची सुप्रीम कोर्ट, जमानत रद कराने के लिए क्या कहा?
रेप केस के मामले में धर्मगुरु आसाराम बापू को आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है, लेकिन हाल ही में उन्हें जमानत मिली थी। यह मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है, क्योंकि उनकी जमानत के खिलाफ नाबालिग रेप पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। पीड़िता ने आसाराम बापू को मिली मेडिकल जमानत तुरंत रद करने की मांग की है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आसाराम बीमार होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वो देशभर में लगातार घूम रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें सच में इलाज की जरूरत है या मेडिकल जमानत सिर्फ जेल से बाहर रहने का बहाना था?
अस्पताल में भर्ती की जरूरत नहीं
आसाराम के वकील देवदत्त कामत ने कोर्ट से कहा था कि आसाराम की उम्र 86 साल है और वह हेल्थ रिलेटेड बीमारियों से जूझ रहे हैं, इसलिए जेल से बाहर रहकर उनका इलाज होना जरूरी है। लेकिन पीड़िता के वकील अल्जो जोसेफ ने अदालत को बताया कि अगस्त में जो मेडिकल बोर्ड बनाया था, उसने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा था कि आसाराम की हालत स्थिर है और उन्हें किसी तरह की हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को छह महीने की जमानत दे दी थी। इसके बाद नवंबर में गुजरात हाईकोर्ट ने भी इसी फैसले को आधार बनाकर उन्हें जमानत दे दी थी। वकील का कहना है कि जमानत मिलने के बाद आसाराम अहमदाबाद, इंदौर, जोधपुर, ऋषिकेश और महाराष्ट्र जैसे कई शहरों में घूम चुके हैं। उन्होंने अदालत में यह भी बताया कि आसाराम ने कभी लंबे समय तक किसी अस्पताल में इलाज नहीं करवाया और फिलहाल सिर्फ आयुर्वेदिक थेरेपी लेते दिख रहे हैं






