
यू.पी. रेरा ने 21वें और 22वें बैच के एजेंटों को प्रमाणपत्र किए प्रदान*
लखनऊ / गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी प्राधिकरण (यू.पी. रेरा) द्वारा शुक्रवार को लखनऊ स्थित मुख्यालय में “एजेंट प्रशिक्षण प्रमाणन कार्यक्रम” के 21वें और 22वें बैच के सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने 82 एजेंटों को प्रमाणपत्र सौंपे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पहली बार दिसम्बर 2024 में लखनऊ स्थित लिटरेसी हाउस से शुरू किया गया था। तब से अब तक पूरे प्रदेश में लगातार प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। यह प्रशिक्षण सभी एजेंटों के लिए अनिवार्य है – चाहे वे पहले से यू.पी. रेरा से पंजीकृत हों या नया पंजीकरण कराना चाहते हों।
प्रशिक्षण चार दिनों का होता है। पहले तीन दिनों में प्रतिभागियों को रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, उपभोक्ता अधिकार, संपत्ति लेनदेन के कानूनी पहलुओं और एजेंटों की जिम्मेदारियों पर गहन जानकारी दी जाती है। चौथे दिन लिखित परीक्षा होती है, जिसे पास करने पर ही प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। इस प्रशिक्षण की फीस 6,000 रुपये है और आवेदन यू.पी. रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन स्वीकार किए जाते हैं।
अब तक कुल 26 बैचों का प्रशिक्षण आयोजित किया जा चुका है। इसमें 2021 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन किया और 1087 ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया है जिसमें से 22वें बैच तक का परिणाम जारी किया जा चुका है और कुल 863 अभ्यर्थी परीक्षा देकर सफल रहे हैं। यह कार्यक्रम लगातार प्रशिक्षित और योग्य एजेंटों का समूह तैयार कर रहा है, जो रियल एस्टेट क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करेंगे।
प्रशिक्षण में शामिल एजेंटों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उनका कहना है कि यह कोर्स ज्ञानवर्धक है और इसके बाद वे घर खरीदारों से और अधिक पेशेवर एवं आत्मविश्वास के साथ जुड़ पा रहे हैं। प्रतिभागियों ने यह भी सराहा कि प्रशिक्षण खुद यू.पी. रेरा के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ लेते हैं, जिससे कोर्स की सामग्री सीधे क्षेत्र की व्यावहारिक जरूरतों से जुड़ी रहती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यू.पी. रेरा के अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्रशिक्षित एजेंट रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि एजेंट केवल बिचौलिए नहीं हैं बल्कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने वाले जिम्मेदार हिस्सेदार भी हैं। प्रशिक्षण के बाद एजेंट खरीदारों और निवेशकों को सही मार्गदर्शन देने में सक्षम बनते हैं, जिससे विवाद कम होते हैं और उपभोक्ता का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने आगे कहा कि यू.पी. रेरा प्रशिक्षण प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही ऑनलाइन मॉड्यूल भी शुरू किए जा सकते हैं ताकि पूरे प्रदेश में इच्छुक एजेंट आसानी से प्रशिक्षण ले सकें।
इस अवसर पर प्रधान सलाहकार श्री अबरार अहमद, वित्तीय सलाहकार श्री सुधांशु त्रिपाठी, विधि सलाहकार श्री चंदन कुमार सिंह, सहायक अभियंता श्री अरुण तिवारी, सहायक निदेशक श्री अमरीश कुमार, मीडिया कंसलटेंट श्री प्रांजल दीक्षित व श्री आकाश यादव भी उपस्थित रहे।






